दसे से पहले जागेगा सिस्टम? नीलगिरी स्कूल बसों पर बड़ा खुलासा”
शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में ही बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पीलीभीत जनपद के अमरिया तहसील क्षेत्र में उदयपुर रोड़ स्थित नीलगिरी पब्लिक स्कूल एक बार फिर विवादों के केंद्र में है, जहां कागजों और हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आ रहा है।
दस्तावेजों में स्कूल के नाम पर सिर्फ तीन वाहन—UP14DT6861 (18 सीट ट्रैवलर), UP24H7969 (42 सीट आइशर बस) और UP85AT6899 (29 सीट बस) ही दर्ज हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर इससे कहीं अधिक वाहनों के संचालन की चर्चा ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया है।
यही वह सवाल है जो अब हर अभिभावक और स्थानीय नागरिक के मन में गूंज रहा है। अगर अतिरिक्त वाहन चल रहे हैं, तो क्या वे नियमों के तहत पंजीकृत हैं? क्या उनके पास फिटनेस, परमिट और बीमा जैसे जरूरी दस्तावेज हैं, या फिर बच्चों की जान को जोखिम में डालकर नियमों को खुलेआम ताक पर रखा जा रहा है? मामले अब तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी बच्चों को सुरक्षित घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुंचाने की है, न कि उन्हें खतरे में डालने की।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग अब तक खामोश क्यों है?
पूरा मामला अब प्रशासन और परिवहन विभाग की साख से जुड़ गया है। क्या होगी निष्पक्ष जांच? क्या जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज? या फिर बच्चों की सुरक्षा यूं ही सवालों के घेरे में रहेगी? फिलहाल, हर नजर एक ही जवाब तलाश रही है—क्या बच्चों की सुरक्षा से बड़ा भी कोई समझौता हो सकता है?
