बरहन (आगरा): क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली अब आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। जिस अस्पताल के जिम्मे क्षेत्र के हजारों लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा है, वह आज स्वयं बीमार नजर आ रहा है। अस्पताल परिसर में चारों ओर फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और किसान नेताओं ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।बरहन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत दयनीय है। परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और जलभराव की समस्या के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि यहाँ इलाज के लिए आने पर संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा बना रहता है। बदहाल शौचालय और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था न होने से मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल की इस दुर्दशा पर भारतीय किसान यूनियन (स्वतंत्र) के पदाधिकारियों ने गहरा दुख और नाराजगी जताई है। किसान नेताओं ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर सीधा प्रहार करते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है।राजेश शर्मा (प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष):सरकारी अस्पताल की यह स्थिति प्रशासन की घोर उदासीनता का प्रमाण है। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलना तो दूर, यहाँ बुनियादी स्वच्छता तक उपलब्ध नहीं है।विश्वाकांत मिश्रा (राष्ट्रीय प्रवक्ता): सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर बरहन सीएचसी पर है। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"इंद्र दत्त गौतम (प्रदेश उपाध्यक्ष): "हमने प्रशासन को बार-बार अवगत कराया है। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ, तो हम शांत नहीं बैठेंगे।किसान यूनियन के नेताओं ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बरहन स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीण और किसान जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे। नेताओं का कहना है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
