पीलीभीत जनपद में जनगणना-2027 को पारदर्शी, सटीक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में विकासखण्ड मरौरी में आयोजित स्व-गणना कार्यशाला ने बड़ा संदेश दिया। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए ‘स्व-गणना पोर्टल’ पर अपनी सूचनाएं दर्ज कराईं।
15 दिवसीय स्व-गणना अभियान के आठवें दिन आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, प्रधानों, पंचायत सहायकों, सचिवों, आशाओं, शिक्षा मित्रों, मनरेगा कार्डधारकों, रसोइयों, पीएचसी कर्मचारियों और अन्य ग्रामीण कर्मियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि डिजिटल स्व-गणना भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर स्वयं का विवरण दर्ज करने से सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचाने में आसानी होगी और विकास योजनाएं अधिक सटीक तरीके से बनाई जा सकेंगी।
उन्होंने उपस्थित कर्मियों से अपने-अपने गांवों और क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने की अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक की भागीदारी जनगणना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण है। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को पोर्टल संचालन, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
कार्यक्रम में सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं — प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित कई योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मियों का दायित्व है कि पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचे।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सभ्यता वर्मा, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, डीसी मनरेगा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, खंड विकास अधिकारी मरौरी सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
