सहजनवा गोरखपुर सिसई/पाली*
विकास खण्ड पाली के अंतर्गत राप्ती नदी तट पर बसे ग्राम पंचायत सिसई में “जल जीवन मिशन - हर घर नल से जल” योजना ग्रामीणों के लिए अब तक सिर्फ सपना बनकर रह गई है।
वर्ष 2022 में शुरू हुई इस योजना को 18 माह में पूरा किया जाना था। लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है। ग्रामीणों के अनुसार केवल ओवरहेड टैंक की नींव डालकर कार्य रोक दिया गया है। सोलर प्लांट और पम्प हाउस का निर्माण पूरा हो चुका है, मगर पाइपलाइन और घर-घर नल का कार्य अधूरा पड़ा है। जो पाइप बिछाई गई है, वह भी कई स्थानों पर टूट-फूट चुकी है। नतीजतन गांव में जलापूर्ति शुरू ही नहीं हो सकी।
दूषित पानी पीने को मजबूर 2000 की आबादी
गांव में सैकड़ों इंडिया मार्का और अन्य छोटे हैंडपंप हैं, लेकिन उनका पानी पूरी तरह पीला और दूषित हो चुका है। सिसई की लगभग 2000 की आबादी वाले इस गांव में इंटर कॉलेज, दो प्राथमिक विद्यालय, दो आंगनबाड़ी केंद्र और एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। रोजाना हजारों बच्चे यहां पढ़ने आते हैं, लेकिन मजबूरी में वे भी दूषित जल पीकर जलजनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।NCC Ltd पर लापरवाही का आरोप
समाजसेवी सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि 2 करोड़ 57 लाख 12 हजार रुपये की लागत वाली इस योजना का ठेका NCC Ltd को मिला है। कार्यदायी संस्था को कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्य में गति नहीं लाई गई तो वे मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराएंगे। इस देरी और लापरवाही की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की होगी।ग्रामीणों की मांग
शिकायत में सुनील कुमार शर्मा, नंदकिशोर सिंह, रघुनंदन निषाद, हजारी पासवान, सरवन शर्मा, रोशन गौतम, अजय, लवकुश, तूफानी, लालचंद, हरिकेश, दीपक, गोलू, अनिल, रामसजन, निरहू, बुद्धू, जयचंद पासवान सहित समस्त ग्रामवासियों ने तत्काल कार्य पूरा कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
