बंगाल में 23 वर्षों में बदला मतदाता सूची का पूरा गणित, कई चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल में पिछले 23 वर्षों में मतदाता सूची का पूरा गणित बदल गया है। वर्ष 2002 से 2025 के बीच मतदाता सूची में बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा सूची में 40 से 45 प्रतिशत तक नए मतदाता शामिल हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया से पहले 100 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के नाम सूची से हटाए गए हैं। यह कार्रवाई निर्वाचन आयोग के निर्देश पर की गई है।
इसके साथ ही, चुनाव आयोग ने 78 विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ERO) को बदलने के आदेश दिए हैं, ताकि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सूची में हुए इन बदलावों से आगामी चुनावों का समीकरण प्रभावित हो सकता है और कई क्षेत्रों में मतदान पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
