पीलीभीत जनपद की अमरिया तहसील क्षेत्र में सरकारी तालाब की भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। तहसील अमरिया क्षेत्र के ग्राम सहगवां नगरिया में तालाब की जमीन पर बने पक्के मकान को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को कानूनगो के नेतृत्व में गठित जांच टीम मौके पर पहुंची और स्थलीय निरीक्षण कर मामले की पड़ताल की।
जानकारी के अनुसार ग्राम सहगवां नगरिया स्थित गाटा संख्या 50-525 (क्षेत्रफल 0.479 हेक्टेयर) राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है। आरोप है कि उक्त सरकारी भूमि पर अब्दुल हमीद द्वारा अवैध रूप से पक्का मकान बना लिया गया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि स्थानीय राजस्व अधिकारियों की कथित मिलीभगत से निर्माण कार्य को बढ़ावा मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय तहसीलदार अमरिया ने वाद संख्या 0-1398/2024 में सुनवाई करते हुए 10 जनवरी 2025 को आरोपी को भूमि से बेदखल करने तथा 50 हजार रुपये हर्जाना जमा करने का आदेश पारित किया था। इसके बावजूद मामला यहीं नहीं थमा और आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय, पीलीभीत में वाद संख्या 0-252/2025 के तहत अपील दाखिल कर दी गई।
अपील के बाद राजस्व परिषद लखनऊ के निर्देशों पर मामले की निष्पक्ष जांच और स्थलीय सत्यापन के लिए टीम गठित की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की स्थिति, अभिलेखों और निर्माण संबंधी तथ्यों का अवलोकन किया।
जांच के दौरान मौजूद कानूनगो एल.एल. देवल ने बताया कि प्रारंभिक जांच की गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी तालाब की भूमि से जुड़े इस मामले ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण बन सकता है।
राजकुमार वर्मा
अबतक न्याय पीलीभीत
