बांदा में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने ग्राम पंचायत घंसौल की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया—क्या केवल नारों और दावों से भारत विश्वगुरु बन सकता है, जब गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हों?ज्ञापन में जर्जर सड़कें, नालियों का अभाव, विद्यालय के आसपास फैली गंदगी, खराब विद्युत व्यवस्था, आवास योजना में कथित अनियमितताएं और आबादी के बीच संचालित शराब ठेकों जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि यदि बच्चे गंदे पानी से होकर विद्यालय जाने को मजबूर हों और ग्रामीण जलभराव व अव्यवस्था के बीच जीवन यापन कर रहे हों, तो विकास के बड़े-बड़े दावे खोखले प्रतीत होते हैं।घंसौल के निरीक्षण के दौरान गलियों में बहता गंदा पानी, टूटे खड़ंजे, विद्यालय तक पहुंचने में कठिनाई और मंदिर परिसर की जर्जर स्थिति ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी तस्वीर बयां करती है। ग्रामीणों ने आवास योजना में अवैध वसूली और आबादी के बीच शराब ठेकों के संचालन को लेकर भी नाराजगी जताई।ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि गांव की समस्याओं की उच्चस्तरीय जांच कराकर सड़क, नाली, स्वच्छता, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए। साथ ही योजनाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम में पिंकी प्रजापति, सद्दाम हुसैन, रविंद्र नाथ गुप्ता, श्रीराम प्रजापति, ज्योति मौर्य, उमाकांत सविता, काशी प्रसाद याज्ञिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जेडीयू कार्यकर्ता मौजूद रहे।

