रिपोर्ट मंगल धुर्वे /लोकेशन खंडवा
खंडवा मे अन्याय के खिलाफ न्याय की लड़ाई को धार देते हुए आज करणी सेना परिवार ने सर्व समाज को साथ लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मामला ग्राम भिलाया का है, जहाँ एक निर्धन और असहाय विधवा महिला की कृषि भूमि पर प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा बिना उसकी सहमति और बिना उचित मुआवजे के विद्युत टॉवर (इलेक्ट्रिक टॉवर) स्थापित किया जा रहा है।
इस मनमानी और शोषण के विरोध में करणी सेना परिवार ने लामबंद होकर माननीय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को एक ज्ञापन सौंपा है।
प्रमुख बिंदु:
पीड़ित परिवार का पक्ष: विधवा महिला की जीविका का एकमात्र साधन उसकी कृषि भूमि है। उस पर जबरन निर्माण कार्य करना उसके मौलिक अधिकारों का हनन है।
करणी सेना की भूमिका: करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय महासचिव और खंडवा जिलाध्यक्ष कुँ. पंकजराज सिंह पुरनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी असहाय व्यक्ति के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस मुद्दे को "न्याय की लड़ाई" करार देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से तुरंत काम रुकवाने की मांग की है।
सर्व समाज का समर्थन: इस ज्ञापन के माध्यम से सर्व समाज ने एकजुटता दिखाई है। मांग की गई है कि जब तक महिला को उचित मुआवजा नहीं मिलता और उसकी सहमति नहीं ली जाती, तब तक टॉवर का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
क्या रही मांग?
करणी सेना परिवार ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि:
तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए।
पीड़ित महिला को नियमानुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित जांच कर कार्रवाई की जाए।
इस दौरान करणी सेना परिवार के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
