मोतीपुर/बहराइच- तहसील मिहींपुरवा के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत मिश्रित तस्वीर पेश करती है। अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सामान्य इलाज की सुविधा तो उपलब्ध है, परंतु कुछ जगहों पर स्टाफ की कमी, भवनों की जर्जर स्थिति और अनियमित निरीक्षण जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।
मिहींपुरवा क्षेत्र में पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आम्बा, उर्रा, लौकाही और सेमरी घटही में संचालित हैं। इनकी मॉनिटरिंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर की ओर से की जाती है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि किसी भी केंद्र पर समस्या आने पर तत्काल समाधान किया जाता है मगर जमीनी हकीकत बताती है कि कई बार सुधार में देरी हो जाती है।
आम्बा पीएचसी: चिकित्सक के अभाव में सीमित सेवा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आम्बा में लंबे समय से चिकित्सक की तैनाती नहीं है। फिलहाल फार्मासिस्ट रितेश मिश्रा ही दवा वितरण और सामान्य इलाज का कार्य देख रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गंभीर बीमारियों या आकस्मिक स्थिति में मरीजों को मोतीपुर रेफर करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग ने इस केंद्र पर डॉक्टर की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा है लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
सेमरी घटही पीएचसी: जर्जर भवन में चल रहा इलाज, बरसात में दिक्कतें
सेमरी घटही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन मरम्मत के इंतजार में है। बाहर से देखने में भवन रंगा पुता दिखाई देता है पर अंदर से दीवारों पर सीलन और छत टपकने की वजह से बरसात में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा पीएचसी परिसर में ही ग्रामीणों ने कूड़े का ढेर लगा रखा है। हालांकि केंद्र पर मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं जारी हैं। प्रसव या गंभीर रोगियों को सीएचसी मोतीपुर भेजा जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि भवन मरम्मत और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की दिशा में विभाग की रफ्तार बेहद धीमी है।
उर्रा और लौकाही पीएचसी:
सेवाएं सामान्य, लेकिन निगरानी कमजोर
उर्रा और लौकाही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर और स्टाफ तैनात हैं परंतु ग्रामीणों का कहना है कि निरीक्षण की नियमितता नहीं है। सुजौली जैसे दुर्गम और वन क्षेत्रीय इलाकों में नेटवर्क की समस्या और कठिन रास्तों के कारण मरीजों को आने-जाने में दिक्कत होती है। कई बार डॉक्टर समय से पहले चले जाते हैं जिससे मरीजों को निराशा होती है।
स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग, लेकिन सुधार की गुंजाइश बाकी
सीएचसी मोतीपुर के माध्यम से सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग का कहना है कि किसी भी केंद्र से शिकायत आने पर तुरंत टीम भेजी जाती है। फिर भी, ग्रामीणों का कहना है कि कुछ मामलों में कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है और जमीनी सुधार की रफ्तार धीमी रहती है।
सीएचसी मोतीपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी थानेदार ने बताया कि सभी पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर संचालित हैं। जहां भी कोई समस्या सामने आती है उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाता है। आम्बा और सेमरी घटही केंद्रों पर भवन व स्टाफ की कमी का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
ग्रामीणों की अपेक्षा: नियुक्ति और मरम्मत कार्य जल्द हों
ग्रामीणों ने मांग की है कि आम्बा केंद्र पर शीघ्र चिकित्सक की नियुक्ति हो और सेमरी घटही भवन की मरम्मत कराई जाए। साथ ही विभागीय अधिकारियों से यह भी आग्रह किया गया है कि निरीक्षण केवल कागजों में न रह जाए बल्कि समय-समय पर मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए।

