मास्टरबाग में धूमधाम से संपन्न हुई विशाल युवा किसान पंचायत, उमड़ा जनसैलाब — “जय भीम, जय भारत, जय किसान” के नारों से गूंजा क्षेत्र
सिधौली (सीतापुर)। थाना कमलापुर क्षेत्र के मास्टरबाग में आयोजित विशाल युवा किसान पंचायत जनसैलाब और उत्साह के बीच ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुई। कार्यक्रम में युवाओं, किसानों, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की भारी भागीदारी देखने को मिली। पूरे क्षेत्र में “बाबा साहब अंबेडकर अमर रहें, जय भीम, जय भारत, जय किसान, जय संविधान, जय कांग्रेस” के गगनभेदी नारे गूंजते रहे। पंचायत का आयोजन किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और दलित, पिछड़े तथा गरीब किसानों की आवाज बुलंद करने वाले नेता राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में किया गया, जिन्होंने सभा को संबोधित करते हुए किसानों और युवाओं को संघर्ष और संगठन का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किसान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह उपस्थित रहे। इसके अलावा सांसद प्रतिनिधि प्रदीप सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष ममता पासी, प्रदेश सचिव राजेश सिंह तोमर, उपाध्यक्ष अनिल कुमार (नंद जी), अनुपमा द्विवेदी, दीपा वैश्य, कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता, जिला सचिव अनिल दीवान, जिला उपाध्यक्ष दानिश नकवी, महामंत्री सत्यदेव पाण्डेय, ब्लॉक अध्यक्ष ओमकार मिश्रा, डॉ. अंबेडकर संवैधानिक महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बंशराज भारती, अनवर बक्श, अशोक भार्गव, प्रताप सिंह यादव, गजोधर प्रसाद सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभा की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने बाबा साहब के विचारों को सामाजिक न्याय और समान अधिकारों की नींव बताते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। मंच से वक्ताओं ने कहा कि किसान, दलित, पिछड़े और युवा जब एकजुट होंगे तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होगा।
सांसद प्रतिनिधि प्रदीप सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि जनता की आवाज को कभी दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पंचायत में उठाई गई सभी मांगों को क्रमबद्ध तरीके से जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाया जाएगा और हर मुद्दे पर चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से संगठित रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से रेडिको खेतान और मैग्ना फैक्ट्री का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब उद्योग स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं तो रोजगार में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मांग को मजबूती से उठाया जाएगा।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान कांग्रेस जगदीश सिंह ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज किसान लागत और बाजार के बीच पिस रहा है। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग उठाई और कहा कि जब तक किसान को उसकी उपज का सम्मानजनक मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक देश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के बकाया भुगतान, सिंचाई संकट और खेती की बढ़ती लागत पर तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय उद्योगों में क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार देना सामाजिक न्याय का प्रश्न है।
विजय बहादुर सिंह ने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि जनआंदोलन की ताकत जमीनी एकता से आती है। उन्होंने कहा कि मास्टरबाग की पंचायत केवल स्थानीय कार्यक्रम नहीं बल्कि व्यापक आंदोलन की शुरुआत है जिसकी गूंज प्रदेश स्तर तक जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, जलनिकासी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा और जनता की आवाज को हर मंच तक पहुंचाया जाएगा।
जिला अध्यक्ष ममता पासी ने महिलाओं की बड़ी भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि किसान परिवार की रीढ़ महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आगे आती हैं तो आंदोलन मजबूत होता है। उन्होंने गांव-गांव में महिलाओं को जागरूक कर सामाजिक न्याय और किसान अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने मास्टरबाग क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी जरूरतों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
अपने जोशीले संबोधन में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि यह पंचायत केवल एक सभा नहीं बल्कि संघर्ष का शंखनाद है। उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े, किसान और युवा मिलकर एक नई सामाजिक चेतना का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने रेडिको खेतान और मैग्ना फैक्ट्री में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को पंचायत का मुख्य प्रस्ताव बताते हुए कहा कि यदि युवाओं के साथ अन्याय हुआ तो बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मास्टरबाग क्षेत्र की सड़क, जलभराव, बिजली और रोजगार की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाया जाएगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में यही जनसमर्थन विधानसभा तक जनता की आवाज पहुंचाएगा। उन्होंने डॉ. अंबेडकर संवैधानिक महासंघ के कार्यकर्ताओं के अनुशासन और सहयोग की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता का श्रेय जनता को दिया।
दलित नेता अनिल दीवान ने सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब समाज के अंतिम व्यक्ति को बराबरी का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा और संसाधनों में समान भागीदारी सुनिश्चित करना ही सच्चा लोकतंत्र है। उन्होंने दलित, किसान और युवाओं से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और कहा कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
सभा में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि 2027 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत किया जाएगा और जनता की समस्याओं को विधानसभा तक बुलंद किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यह पंचायत केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, किसान अधिकार और युवाओं के भविष्य की व्यापक लड़ाई का हिस्सा है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति ने इसे जनआंदोलन का रूप दे दिया। पंचायत स्थल पर अनुशासन बनाए रखने में स्वयंसेवकों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे कार्यक्रम में संविधान, सामाजिक न्याय और किसान एकता के संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आए।
सभा के अंत में उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में संकल्प लिया कि किसानों, युवाओं और वंचित समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। “जय भीम, जय भारत, जय संविधान, जय किसान” के गगनभेदी नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मास्टरबाग की यह विशाल युवा किसान पंचायत क्षेत्र में नई ऊर्जा, सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश देकर समाप्त हुई। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस पंचायत को आने वाले समय में बड़े जनआंदोलन की भूमिका के रूप में देखा जा रहा है, जिसने किसानों और युवाओं के मुद्दों को नई धार देने का काम किया है
