भेजा ज्ञापन
प्रेस नोट
सिधौली (सीतापुर), 1 अप्रैल 2026।
सिधौली तहसील क्षेत्र में स्थापित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और क्षेत्रवासियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी सिधौली के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर क्षेत्र में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि सिधौली तहसील क्षेत्र के अनेक गांवों में बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो बहुजन समाज के आत्मसम्मान, अधिकार और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। इन प्रतिमाओं के माध्यम से समाज को बाबा साहेब के विचारों, उनके संघर्ष और संविधान के मूल्यों की प्रेरणा मिलती है। लेकिन वर्तमान समय में इन प्रतिमाओं के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें नुकसान पहुंचाने की आशंका बनी रहती है। ऐसी घटनाएं समाज में तनाव और आक्रोश का कारण बनती हैं, इसलिए इन प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बाबा साहेब केवल एक महान नेता ही नहीं बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता थे। उन्होंने अपने ज्ञान, संघर्ष और दूरदर्शिता के बल पर देश को ऐसा संविधान दिया जिसने सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का पूरा जीवन सामाजिक न्याय, समानता और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा यह घोषणा की गई थी कि जहां-जहां बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां उनकी सुरक्षा के लिए बाउंड्री वाल और सुरक्षा ग्रिल का निर्माण कराया जाएगा। यह निर्णय सराहनीय था, लेकिन सिधौली क्षेत्र में अभी तक अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई है। कई गांवों में प्रतिमाएं खुले स्थानों पर हैं और उनके चारों ओर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, जिससे असामाजिक तत्वों द्वारा क्षति पहुंचाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने प्रशासन से मांग की कि सिधौली तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में स्थापित प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए शीघ्र बाउंड्री वाल और लोहे की ग्रिल का निर्माण कराया जाए। साथ ही आंबेडकर पार्कों का विकास कर उन्हें सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
सभा में वरिष्ठ शिक्षक एवं समाजसेवी मास्टर बृजलाल ने कहा कि बाबा साहेब ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को शिक्षा और अधिकारों के माध्यम से सशक्त बनाया। उन्होंने कहा कि आंबेडकर प्रतिमाएं समाज के संघर्ष, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
केडी वर्मा ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान ही देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। उन्होंने समाज को जागरूक और संगठित होकर अपने अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया तथा प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।
समाजसेवी मुकेश चौधरी ने कहा that बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और त्याग की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा ग्रहण कर समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया और कहा कि प्रतिमाएं समाज के सम्मान का प्रतीक हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है।
सभा में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी बाबा साहेब के विचारों को अपनाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि आंबेडकर पार्क और प्रतिमाएं सामाजिक जागरूकता के केंद्र हैं, जिनका संरक्षण और विकास आवश्यक है।
सभा के अंत में सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि सिधौली क्षेत्र में स्थापित सभी आंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए शीघ्र बाउंड्री वाल और सुरक्षा ग्रिल का निर्माण कराया जाए तथा पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जाए।
कार्यक्रम में मास्टर बृजलाल, ज्ञानेंद्र कुमार, विनोद कुमार, मुकेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में समानता एवं न्याय की स्थापना के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

