अर्जुन रौतेला आगरा। जनपद आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली एक युवती के साथ कथित तौर पर दो अलग-अलग स्थानों पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।
जानकारी के अनुसार, युवती की फेसबुक के माध्यम से आगरा के दयालबाग निवासी एक युवक से दोस्ती हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और युवक ने उसे आगरा बुलाया। करीब 12 दिन पहले युवती उससे मिलने आगरा पहुंची। आरोप है कि युवक उसे भगवान टॉकीज क्षेत्र के पास एक गेस्ट हाउस में ले गया, जहां उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उससे कोर्ट मैरिज का झांसा भी दिया। बीती रात वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही, लेकिन उसकी मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई। आरोप है कि रास्ते में मिले ऑटो सवारों ने उसे खंदौली क्षेत्र के अगरपुर गांव के पास ले जाकर उसके साथ फिर सामूहिक दुष्कर्म किया और अर्धनग्न हालत में छोड़कर फरार हो गए।
तड़के करीब साढ़े चार बजे पीड़िता अगरपुर स्थित एक आटा मिल के पास पहुंची और मदद के लिए शोर मचाने लगी। आवाज सुनकर पास में रहने वाले देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़िता की हालत देखकर तत्काल उसे कपड़े उपलब्ध कराए और आटा मिल मालिक कमलेश शर्मा को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को 112 नंबर पर सूचना दी गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस पीड़िता को थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल पर पुलिस को महिला की चप्पल, कपड़े और शराब की बोतलें भी मिली हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मौके पर महिला पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं थी और मदद करने वालों को ही पीड़िता के साथ थाने ले जाकर बैठाए रखा गया। सुबह करीब 8 बजे महिला पुलिस के पहुंचने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू हो सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की स्थिति में मददगारों को भी परेशान होना पड़ा, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या आपात स्थिति में महिला सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
