आज़ाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव नईम रज़ा ने जताई कड़ी आपत्ति, कहा– “समाज को बांटने वाली भाषा से बचें जनप्रतिनिधि”
पीलीभीत जिले की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने अपने एक भाषण में “नमाजवादी” और “सनातनी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
इस मुद्दे पर नईम रजा प्रदेश सचिव आजाद समाज पार्टी( कांशीराम) ने सोशल मीडिया के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंत्री के बयान को समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताते हुए कहा कि किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को धर्म और समुदाय से जुड़े शब्दों का प्रयोग बेहद सावधानी से करना चाहिए।
नईम रज़ा ने आरोप लगाया कि कुछ नेता सत्ता के नशे में “फूट डालो और राज करो” की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जनता की मूल समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय धार्मिक ध्रुवीकरण का माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि “नमाज़” और “सनातन” दोनों ही भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े सम्मानित शब्द हैं। देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरती आपसी भाईचारे और सौहार्द में है, इसलिए किसी भी धर्म विशेष को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
अपने संदेश में नईम रज़ा ने भावुक अपील करते हुए कहा कि देश में मोहब्बत, भाईचारा, एकता और अखंडता हमेशा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने सभी समुदायों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।
मंत्री के बयान और उस पर आई प्रतिक्रियाओं के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

