बांदा की भीषण गर्मी और झुलसाती लू के बीच समाजसेवी सुरेश कान्हा ने अपने जन्मदिन को सेवा, संवेदना और मानवता के पर्व में बदल दिया। उनके जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित विशाल निशुल्क शीतल जल एवं सेवा वितरण शिविर ने यह संदेश दिया कि वास्तविक उत्सव वही है, जो दूसरों के चेहरे पर राहत और मुस्कान बनकर उभरे।
कार्यक्रम में राहगीरों, जरूरतमंदों और आमजन के लिए शीतल जल, छबील, मशहूर जल मुरी, ठंडे पेय पदार्थ, एनर्जी ड्रिंक, पेठा, बिस्कुट, फल, टॉवल और चप्पलों का वितरण किया गया। तपती धूप में यह शिविर केवल राहत केंद्र नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।इस सेवा अभियान को हाल ही में जनपद में आए जिलाधिकारी अमित आसेरी की प्रेरणा और सकारात्मक सोच से विशेष ऊर्जा मिली। जिलाधिकारी की मंशा है कि भीषण गर्मी के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर राहत शिविर लगाकर आमजन को लू से बचाया जाए। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने स्वयं समाजसेवी सुरेश कान्हा का केक काटकर जन्मदिन मनाया और अपने हाथों से सामग्री वितरण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कार्यक्रम का सबसे भावुक और सराहनीय पक्ष जिला महिला चिकित्सालय में देखने को मिला, जहां 40 नवजात शिशुओं को जॉनसन बेबी किट, टॉवल और मिठाई वितरित की गई। यह सेवा कार्य सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह के सहयोग से संपन्न हुआ। नवजातों और उनके परिजनों के चेहरे पर दिखी खुशी ने इस आयोजन को और अधिक मानवीय बना दिया।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक माया शंकर यादव, सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, व्यापारी नेता मनोज जैन, रामेंद्र शर्मा, शंकर गुप्ता, शेख शादीजमा, पत्रकार सुनील सक्सेना, सलमान खान, नवीन निगम, अरुण निगम, मो. शाकिर, शहीद अहमद, सुरेश चौरसिया, महेश प्रजापति, राहुल जैन, राम मोहन गुप्ता, डॉ. भूपेंद्र चौरसिया, फेसबुक क्रिएटर राजेश श्रीवास्तव, संगीता श्रीवास्तव, विभा गुप्ता, सोनम सिंह, मछंदर सिंह, महिला अधिवक्ता प्रियंका और मंजू गुप्ता सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।समाजसेवी सुनील सक्सेना ने कहा कि यह आयोजन केवल जन्मदिन का समारोह नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना का प्रेरक उदाहरण है। वास्तव में आज के दौर में, जहां उत्सव अक्सर दिखावे तक सीमित हो जाते हैं, वहां सुरेश कान्हा द्वारा जन्मदिन को “सेवा दिवस” के रूप में मनाना यह साबित करता है कि मानवता से बड़ा कोई उत्सव नहीं होता। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं और लोगों को जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करते हैं।
