बांदा के बबेरू कस्बे में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। जिस मां ने बेटे को जन्म देकर उसे जीवन दिया, उसी मां की सांसें उसके अपने ही बेटे की गोली से थम गईं। जमीनी विवाद में उपजे क्रोध ने रविवार को ऐसा खूनी रूप लिया कि बड़े बेटे ने अपनी मां और छोटे भाई को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। दिनदहाड़े हुए इस दोहरे हत्याकांड से पूरे कस्बे में दहशत और मातम का माहौल फैल गया।बताया जा रहा है कि बबेरू तहसील के पीछे स्थित पैतृक प्लॉट को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। जमीन के बंटवारे को लेकर बड़े बेटे राजकिशोर और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। वर्षों से सुलग रहा यह विवाद रविवार को अचानक खून की होली में बदल गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान राजकिशोर ने अपने पिता पर बंदूक तान दी। तभी बीच-बचाव करने के लिए उसकी मां शांति देवी सामने आ गईं। लेकिन गुस्से में अंधे हो चुके बेटे ने ट्रिगर दबा दिया और गोली सीधे मां को जा लगी। मां लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं।मां को तड़पता देख छोटा भाई देवीदीन अपने भाई की ओर दौड़ा, लेकिन आरोपी का गुस्सा यहीं नहीं थमा। आरोप है कि उसने छोटे भाई पर भी फायर झोंक दिया। गोली लगते ही देवीदीन भी जमीन पर गिर पड़ा। दोनों मां-बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक की तलाश कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पूरे बबेरू कस्बे में इस घटना को लेकर भय, आक्रोश और चर्चा का माहौल है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि जमीन के एक टुकड़े ने एक परिवार को इस कदर तबाह कर दिया कि बेटा अपनी ही मां और भाई का हत्यारा बन बैठा।यह घटना केवल दो हत्याओं की कहानी नहीं, बल्कि उस सामाजिक विडंबना का आईना है, जहां संपत्ति का लालच रिश्तों की गरिमा और इंसानियत को निगलता जा रहा है। जिस घर में कभी मां की ममता और भाईचारे की आवाज गूंजती होगी, वहां अब केवल मातम और सन्नाटा बचा है।
