लखनऊ, 16मई26
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी प्रदेश में अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी द्वारा लगातार बैठकें आयोजित कर जमीनी पकड़ बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा है, क्यों मांगे उधार अब अपना नेता तैयार इस नारे के जरिए पार्टी स्पष्ट संकेत दे रही है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में किसी गठबंधन के भरोसे नहीं, बल्कि स्वतंत्र रूप से मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष अरविंद पासवान के निर्देश पर सभी जिलों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश, मंडल, जिला और विधानसभा स्तर के बाद अब बूथ स्तर तक कार्यकर्ता सम्मेलन और समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने, पुराने पदाधिकारियों को सक्रिय करने और मतदाता सूची में नाम बढ़ाने के अभियान पर विशेष फोकस है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का कोर वोटबैंक दलित, अति पिछड़ा और वंचित समाज माना जाता है। पार्टी का मानना है कि यूपी में यह वर्ग निर्णायक भूमिका में है। अपना नेता तैयार नारे के जरिए पार्टी इसी वर्ग को साधने की कोशिश में है कि अब उन्हें किसी और दल से नेता उधार लेने की जरूरत नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष अरविंद पासवान ने बताया, "हम 2027 के चुनाव के लिए हर बूथ पर 10 यूथ और 5 महिलाओं की टोली बना रहे हैं। रामविलास पासवान जी के विचारों को घर-घर पहुंचाना है। यूपी में हम किंगमेकर नहीं, किंग बनने की तैयारी में हैं।" उन्होंने कहा कि जल्द ही पार्टी प्रमुख चिराग पासवान का यूपी दौरा भी प्रस्तावित है, जहां वे कई बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
इसके साथ ही फाफामऊ (प्रयागराज) में दिवंगत कार्यकर्ता श्री हिमांशु पासी की निर्मम हत्या की हृदयविदारक घटना हो
मलाकनारा, प्रयागराज
स्व. हिमांशु सरोज को
दिन-दहाड़े गोली मारने की घटना हो या फिर कानपुर के 11 साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के मामले में पार्टी पीड़ित परिवार के साथ हमेशा खड़े रहने और उन्हें न्याय दिलाने उनके साथ रहेगी
पार्टी दलित, पासी , पासवान समाज की आवाज बनेगी।
गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन सीमित रहा था, लेकिन अब पार्टी नए सिरे से रणनीति बनाकर उतरने का दावा कर रही है। आने वाले दिनों में प्रत्याशी चयन और सीटों के ऐलान को लेकर भी पार्टी में हलचल तेज होगी।
