हरनहीं, खजनी उज्ज्वला योजना के तहत हर घर तक रसोई गैस पहुंचाने के सरकारी दावों के बीच खजनी क्षेत्र के पल्टीपार हरनहियां गांव में मां दुर्गा भारत गैस एजेंसी के बाहर का नजारा हकीकत बयां कर रहा है। बीते कई दिनों से गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान तीन परिवार एजेंसी के सामने ही डेरा डाले हुए हैं और विरोध स्वरूप ईंट के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर भोजन पका रहे हैं।सांखडांड बाबू गांव के धुर्वई गुप्ता ने बताया कि दो दिन से वह यहां पड़े हैं और घर में चूल्हा नहीं जला है। वहीं, नटिनिया गांव की सुबराती का कहना है कि चार दिन से वह एजेंसी के चक्कर काट रही हैं। रात पेड़ के नीचे गुजारनी पड़ी, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। पिपरा गंगा गांव के संजय ने बताया कि मार्च में बुकिंग कराने के 46 दिन बाद भी गैस नहीं मिली है। दो महीने से घर में सिलेंडर नहीं आया। 33 लाख रुपये की पेनाल्टी लगने के बाद भी गंगा गैस एजेंसी की व्यवस्था नहीं सुधरी है। ग्रामीणों का आरोप है कि होम डिलीवरी के नाम पर उन्हें रात भर एजेंसी या भैंसापार स्थित मुंजेश्वर नाथ मंदिर के सामने सड़क पर रुकना पड़ता है। ओटीपी और दस्तखत के लिए बार-बार एजेंसी आना पड़ता है। गैस की कमी के डर से लोग रात में ही चूल्हे के पास लेटे रहते हैं।दूसरा मामला बांसगांव तहसील के बासुडीहा गांव का है। पीड़ित विनय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि 10 मई को ऑनलाइन बुकिंग करने पर पता चला कि 9 मई को ही उनके खाते से सिलेंडर डिलीवर दिखा दिया गया।
