मानव अधिकार, न्याय और व्यवस्था परिवर्तन को लेकर बड़ा संवैधानिक अभियान शुरू
गोरखपुर / लखनऊ।
देश में लगातार बढ़ रहे मानव अधिकार उल्लंघन, पुलिसिया उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महिलाओं पर अत्याचार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली तथा कथित फर्जी एनकाउंटर जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर
ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIHRO)
द्वारा राष्ट्रव्यापी
राष्ट्रीय मानव अधिकार जन आन्दोलन भारत न्याय एवं व्यवस्था परिवर्तन अभियान
प्रारम्भ करने की घोषणा की गई है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्ने लाल यादव ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को न्याय, समानता, स्वतंत्रता एवं सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देता है, लेकिन वर्तमान समय में देश के अनेक हिस्सों में गरीब, मजदूर, किसान, महिलाएं, नौजवान एवं कमजोर वर्ग विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न और अन्याय का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह जन आन्दोलन पूर्णतः संवैधानिक, लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जनता की आवाज़ को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना है।
विश्व के सबसे बड़े मानव अधिकार जन जागरूकता पदयात्रा का उल्लेख राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्ने लाल यादव ने बताया कि इससे पूर्व
10 नवंबर 2025 से 10 दिसंबर 2025
तक लगातार 31 दिनों तक राष्ट्रीय मानव अधिकार जन जागरूकता पदयात्रा – भारत न्याय एवं व्यवस्था परिवर्तन अभियान
चलाया गया था।
यह ऐतिहासिक पदयात्रा भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों तथा मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले सहित कुल 76 जिलों में आयोजित की गई थी।
संगठन के अनुसार यह अभियान
विश्व का सबसे बड़ा मानव अधिकार जन जागरूकता पदयात्रा
माना गया, जिसमें हजारों सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, पत्रकार, किसान, महिलाएं, नौजवान एवं मानव अधिकार कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस पदयात्रा का समापन
विश्व मानव अधिकार दिवस 10 दिसंबर 2025 को राजधानी लखनऊ में किया गया, जहां भारत के प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित 38 सूत्रीय संवैधानिक मांग पत्रप्रेषित किया गया।आन्दोलन की प्रमुख मांगें ।संगठन द्वारा मानव अधिकार सुरक्षा कानून को मजबूत करने, पुलिस सुधार आयोग के गठन, कथित फर्जी एनकाउंटर की न्यायिक जांच, रेप एवं जघन्य अपराधों के लिए फास्ट ट्रैक न्याय व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधा, युवाओं के लिए राष्ट्रीय रोजगार नीति, महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक न्याय, सरकारी जवाबदेही कानून तथा डिजिटल जनसुनवाई व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।इसके साथ ही संगठन ने
पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट,
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट
तथा मानव अधिकार कार्यकर्ता प्रोटेक्शन एक्ट
लागू करने की भी मांग उठाई है।सोशल मीडिया पर भी चलेगा अभियान
संगठन के अनुसार यह आन्दोलन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
X (Twitter)
सहित विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिए भी चलाया जाएगा, ताकि देशभर के नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठा सकें।राष्ट्रीय अध्यक्ष पन्ने लाल यादव ने देशवासियों, सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, युवाओं एवं मानव अधिकार कार्यकर्ताओं से इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि अन्याय, भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ एकजुट होकर संवैधानिक लड़ाई लड़ी जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी प्रकार की हिंसा, नफरत, जातीय या धार्मिक विद्वेष तथा कानून हाथ में लेने का समर्थन नहीं करता उपरोक्त संदर्भों को ध्यान देते हुए संक्षेप में समाचार बनाने की कृपा की जाए

