अब तक न्याय
जनपद पीलीभीत
SRCM कालेज पीलीभीत का ऐतिहासिक कदम
श्रीकृष्ण भास्कर सह संपादक अब तक न्याय न्यूज आपको अवगत कराते चलें कि
आनुवंशिक रोगों की जाँच के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज पीलीभीत का ऐतिहासिक कदम
एक वर्षीय बालक योगेश में हीमोफीलिया की पुष्टि हेतु रक्त नमूना लिया गया
पीलीभीत स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत के ब्लड सेंटर द्वारा ग्राम जगतपुर, बरखेड़ा निवासी एक वर्षीय बालक योगेश, पुत्री श्रीमती सावित्री देवी का रक्त नमूना लिया गया है। इस नमूने में फैक्टर-VIII और IX परीक्षण किया जाएगा ताकि हीमोफीलिया रोग की पुष्टि की जा सके। विभागाध्यक्ष, पैथोलॉजी विभाग डॉ. विभूति गोयल ने बताया कि हीमोफीलिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से ऐसे बच्चों का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी भी बताया कि महाविद्यालय में पर्याप्त प्रयोगशाला उपकरण एवं प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ उपलब्ध है, जिससे हीमोफीलिया जैसे जटिल रक्त विकारों का सटीक परीक्षण और निदान संभव है।
हीमोफीलिया सोसाइटी, पीलीभीत की अध्यक्ष कविता वंसवाल ने कहा कि सोसाइटी ऐसे रोगियों एवं उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे रक्तदान एवं फैक्टर डोनेशन के माध्यम से इस मानवतावादी कार्य में सहयोग करें। प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत, डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि महाविद्यालय न केवल उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवा में अग्रणी है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत आमजन की सेवा में भी सदैव तत्पर रहता है। उन्होंने हीमोफीलिया के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के इस प्रयास की सराहना की।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास जनहित में अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन समाज के कमजोर वर्गों और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों की सहायता हेतु चिकित्सा संस्थानों एवं समाजसेवी संगठनों के साथ मिलकर हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने हीमोफीलिया सोसाइटी और मेडिकल कॉलेज टीम को इस मानवतावादी कार्य के लिए बधाई दी। यह पहल समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

