सिधौली (सीतापुर), दिनांक —
सिधौली विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं। इसी क्रम में डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ द्वारा गोदलामऊ ब्लॉक के अंतर्गत सहोली, पुन्नापुर, गोपालपुर, कोटवा, नवैया सहित दर्जनों गांवों में एक व्यापक एवं सघन जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आने वाले चुनाव में परिवर्तन के लिए समर्थन मांगा।
यह जनसंपर्क अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजागरण का एक व्यापक प्रयास साबित हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों—किसान, नौजवान, महिलाएं, मजदूर, व्यापारी तथा आम नागरिक—ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। गांव-गांव में लोगों का उत्साह देखने योग्य था और कई स्थानों पर ग्रामीणों ने राजेश कुमार सिद्धार्थ का स्वागत कर अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।
अपने संबोधन में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है, तब से आम जनता को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल तथा आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहा है, नौजवान रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा है और व्यापारी वर्ग भी अस्थिर नीतियों से परेशान है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां इस बात का संकेत हैं कि जनता अब बदलाव चाहती है और एक नई दिशा की ओर बढ़ना चाहती है। उन्होंने जननायक के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि 2027 का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का चुनाव होगा।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने सिधौली विधानसभा क्षेत्र के विकास पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के 78 वर्षों के बाद भी यह क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कहा कि कई गांवों में आज भी पक्की सड़कें नहीं हैं, जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर हैं और विकास के नाम पर केवल वादे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें अवसर देती है, तो वह क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस बार मतदान जाति, धर्म या किसी के प्रभाव में आकर नहीं, बल्कि अपने भविष्य और विकास को ध्यान में रखकर करें। उन्होंने कहा, “उठो, जागो और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करो, तभी सच्चे लोकतंत्र की स्थापना संभव है।”
इस जनसंपर्क अभियान में कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया और अपने विचार रखे।
डॉ. रामावतार भारती ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना ही सच्ची राजनीति का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यह उद्देश्य कहीं पीछे छूट गया है और अब जरूरत है कि समाज के सभी वर्ग मिलकर एक नई सोच के साथ आगे बढ़ें।
पुष्कर गौतम ने युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि आज पढ़े-लिखे युवा रोजगार के अभाव में निराश हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को समय पर अवसर नहीं मिला, तो यह समाज के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
बाल गोविंदा गौतम ने किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी समाज के लिए घातक हो सकती है।
रामनरेश गौतम ने गांवों की बुनियादी समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि सड़कों की खराब स्थिति, नालियों की समस्या और जल निकासी की कमी से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
कांति देवी ने महिलाओं की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महंगाई का सबसे अधिक प्रभाव घर की महिलाओं पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
रजनी ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गांवों में अच्छे स्कूल और अस्पतालों का अभाव है, जिससे लोगों को शहरों की ओर जाना पड़ता है।
राज ने कहा कि अब जनता जागरूक हो चुकी है और वह अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने लगी है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय परिवर्तन का है और जनता इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएगी।
फूलमती ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया।
बिंदेश्वरी यादव ने सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विकास तभी संभव है जब समाज के सभी वर्ग मिलकर एकजुट होकर कार्य करें।
ममता देवी ने महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को समाज के विकास के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यदि इन वर्गों को सशक्त किया जाए, तो समाज तेजी से आगे बढ़ सकता है।
जनसंपर्क अभियान के दौरान ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में बदलाव की उम्मीद जताई। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया और समर्थन का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर सिधौली विधानसभा क्षेत्र में एक नई राजनीतिक चेतना देखने को मिली। लोगों ने एक स्वर में नारा लगाया —
“सिधौली विधानसभा की जनता रही पुकार,
2027 में राजेश कुमार सिद्धार्थ अबकी बार।”
यह जनसंपर्क अभियान न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का भी एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। जिस प्रकार से विभिन्न वर्गों के लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में बदलाव की भावना तेजी से मजबूत हो रही है।
अंत में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि सिधौली विधानसभा क्षेत्र को विकास, समानता और समृद्धि की नई दिशा देना है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि जनता का समर्थन और आशीर्वाद मिला, तो सिधौली को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान मिलेगा।
यह जनसंपर्क अभियान आने वाले समय में और भी व्यापक रूप लेगा तथा अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का कार्य जारी रहेगा।
