लकीर खींच रहे हैं। सोमवार को डीएम अविनाश सिंह एक बार फिर ई-बस में सफर करते दिखे। सुबह सिविल लाइंस स्थित कैंप कार्यालय से ई-बस पकड़कर वे मंडलायुक्त दफ्तर पहुंचे और मंडलीय बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद कलेक्ट्रेट तक का सफर भी उन्होंने ई-बस से ही तय किया।
‘बहुत आनंद आता है, गाने भी सुन लेता हूं’- डीएम अविनाश सिंह
ई-बस में सफर के दौरान डीएम अविनाश सिंह बेहद सहज और खुश नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “ई-बस में सफर कर बहुत आनंद आता है। बोरियत बिल्कुल नहीं होती। मन करता है तो मोबाइल पर गाने भी सुन लेता हूं।” DM का यह अंदाज अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
PM मोदी-CM Yogi की अपील पर डीएम का एक्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार पर्यावरण बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की अपील करते रहे हैं। डीएम अविनाश सिंह उसी अपील पर जमीन पर काम कर रहे हैं। सरकारी वाहन छोड़कर ई-बस अपनाकर उन्होंने आम लोगों को बड़ा संदेश दिया है।
अफसरों-कर्मचारियों के लिए भी बनी मिसाल
डीएम अविनाश सिंह के इस कदम की प्रशासनिक गलियारों में भी खूब तारीफ हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब जिले का सबसे बड़ा अफसर खुद ई-बस से चलेगा तो बाकी कर्मचारियों और आम जनता पर भी असर पड़ेगा। इससे शहर में प्रदूषण घटेगा, ट्रैफिक जाम कम होगा और फ्यूल की बचत होगी।
‘जनप्रतिनिधि भी करें शुरुआत तो बदलेगा माहौल’
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अफसर और नेता खुद पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करेंगे तो आम आदमी भी प्रेरित होगा। डीएम अविनाश सिंह ने दिखा दिया कि वीआईपी कल्चर से बाहर निकलकर भी काम किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर भी लोग DM के इस स्टाइल की तारीफ कर रहे हैं।
लगातार दूसरी बार किया ई-बस का सफर
यह पहला मौका नहीं है जब डीएम अविनाश सिंह ई-बस से दफ्तर पहुंचे हों। इससे पहले भी वे कई बार सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर चुके हैं। उनके इस रूटीन ने बरेली में ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
