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मेरा युवा भारत, पीलीभीत द्वारा जैव विविधता संरक्षण एवं पारिस्थितिक जागरूकता पर अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम आयोजित
पीलीभीत सूचना विभाग 26 मई 2026/जिला युवा अधिकारी ने बताया कि मेरा युवा भारत, पीलीभीत द्वारा दिनांक 22 मई 2026 से 26 मई 2026 तक “जैव विविधता संरक्षण एवं पारिस्थितिक जागरूकता” विषय पर एक पांच दिवसीय अनुभव आधारित शिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विश्व प्रकृति निधि (वल्र्ड वाइड फंड नेचर) के समन्वय से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के महत्व तथा पारिस्थितिक संतुलन के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम के दौरान डब्लूडब्लूएफ के वरिष्ठ परियोजना समन्वयक नरेश जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए बताया कि स्वस्थ पर्यावरण के लिए वन एवं वृक्षों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन तथा जैव विविधता के क्षरण के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पीलीभीत की समृद्ध जैव विविधता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह क्षेत्र घासभूमि, वुडलैंड एवं तराई पारिस्थितिकी के कारण विशेष महत्व रखता है तथा यहां अनेक प्रकार की वनस्पतियां एवं पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।
उन्होंने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व केवल बाघ संरक्षण का केंद्र नहीं है, बल्कि संपूर्ण जैव विविधता के संतुलन का प्रतीक है। घासभूमि प्रबंधन एवं वन संरक्षण के माध्यम से शाकाहारी जीवों तथा वन्यजीवों का संरक्षण संभव हो पाता है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों द्वारा वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें मोरिंगा (सहजन) के पौधे लगाए गए। इसके अतिरिक्त अंगूरी देवी विद्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जहां स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन एवं वृक्षों के महत्व के विषय में जानकारी प्रदान की। साथ ही सिद्ध बाबा मंदिर मेले में मेरा युवा भारत के स्वयंसेवकों द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें आमजन को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
