डा. अम्बेडकर संवैधानिक महासंघ चालीसा
दोहा
जय भीम का ऊँचा ध्वज, फैले चारों ओर।
महासंघ का नाद गूंजे, भारत भू पर शोर॥
1️⃣ जय हो महासंघ महान,
संविधान तेरा पहचान॥
न्याय समानता तेरा गान,
भारत का तू अभिमान॥
2️⃣ सामाजिक संगठन अद्भुत प्यारा,
जनसेवा जिसका नारा सारा॥
डा. अम्बेडकर के पथ का संग,
संविधान तेरा सच्चा रंग॥
3️⃣ दलित, पीड़ित, मजदूर किसान,
सबको देता अधिकार समान॥
न्याय हेतु लड़ता निरंतर,
संविधान का सच्चा मंतर॥
4️⃣ राजेश सिद्धार्थ का नेतृत्व महान,
संघ को दिया नया सम्मान॥
भीम विचार को जन-जन तक लाए,
संविधान का संदेश फैलाए॥
5️⃣ महासंघ की पावन बात,
सत्य-अहिंसा की सौगात॥
राजेश जी की सोच अनोखी,
समानता में भावना रोखी॥
6️⃣ शिक्षा, संघर्ष, संगठन तीन,
भीम ने दी जो अमिट मीन॥
सिद्धार्थ जी उस पर चलते,
हर जन के हक में जलते॥
7️⃣ संविधान का करे प्रचार,
दलित-पिछड़े का करे उद्धार॥
राजेश जी के संग ये सेना,
न्याय-सत्य का सदा बहेना॥
8️⃣ गरीबों का साथी बन जाए,
अन्याय का अंत करवाए॥
संविधान का रखे मान,
महासंघ का बढ़े सम्मान॥
9️⃣ समाज में फैले चेतना,
मिटे भेदभाव की रेखा॥
समान अवसर सबको दे,
संविधान का पाठ पढ़े॥
10️⃣ महासंघ की जय बोलो,
भीम मिशन पर डोलो॥
राजेश जी के नेतृत्व में,
जन-जन का उत्थान हो॥
11️⃣ संविधान का दीप जलाए,
हर मानव को राह दिखाए॥
दलितों का गौरव बढ़ाए,
न्याय का नारा फैलाए॥
12️⃣ संगठन की शक्ति अपार,
भीम के सपनों का आधार॥
राजेश जी की अगुवाई में,
भारत चमके उजियारे में॥
13️⃣ महिला सम्मान का गीत सुनाए,
नारी शक्ति का मान बढ़ाए॥
महासंघ का यह अभियान,
भारत का करे कल्याण॥
14️⃣ शिक्षा का दीप जलाए,
अज्ञानता का अंत करवाए॥
संविधान तेरा धर्म महान,
राजेश जी तेरा सम्मान॥
15️⃣ जनसेवा में लगे सिपाही,
न्याय के रखवाले साथी॥
संविधान तेरा गहना प्यारा,
महासंघ का नाम न्यारा॥
16️⃣ सत्य और निष्ठा के धारे,
भीम पथ के सच्चे प्यारे॥
राजेश सिद्धार्थ का स्वप्न निराला,
भारत हो न्याय का प्याला॥
17️⃣ मजदूर-किसान का साथ निभाए,
दलित अधिकार का मान बढ़ाए॥
संविधान का पालन करवाए,
जनता में चेतना लाए॥
18️⃣ भेदभाव का करे विनाश,
समानता का करे प्रकाश॥
महासंघ का ये अभियान,
भीम का साकार अरमान॥
19️⃣ जो अन्याय के खिलाफ लड़े,
वह महासंघ में साथ खड़े॥
राजेश जी के नेतृत्व तले,
सत्य विजय का दीप जले॥
20️⃣ संगठन में अनुशासन प्यारा,
न्याय-पथ का दीपक सारा॥
महासंघ का नारा यही,
संविधान सबसे सही॥
21️⃣ दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक भाई,
समान अधिकारों की आई दुहाई॥
महासंघ का ध्येय महान,
न्याय-समता का अभियान॥
22️⃣ युवा शक्ति का करे विकास,
शिक्षा दे मन में विश्वास॥
राजेश जी का संदेश यही,
भीम विचार सदा सही॥
23️⃣ संविधान का करे प्रचार,
सामाजिक भाईचारा अपार॥
महासंघ का ध्वज लहराए,
भारत को गौरव दिलाए॥
24️⃣ सेवा, संघर्ष, सत्य का संग,
महासंघ का यही रंग॥
राजेश जी का नेतृत्व शुद्ध,
भारत बने समरस बुद्ध॥
25️⃣ सविधान का करे गुणगान,
न्याय-सत्य का रखे मान॥
दलित बहुजन को दे अधिकार,
महासंघ का उद्देश्य पार॥
26️⃣ अंधकार में दीप जलाए,
घृणा-द्वेष सब दूर भगाए॥
महासंघ का हर कर्मी सच्चा,
संविधान का रक्षक अच्छा॥
27️⃣ जनता के हक में बोले,
अन्याय को सदा डोले॥
राजेश सिद्धार्थ का बल महान,
जनसेवा ही जिनका प्राण॥
28️⃣ लोकतंत्र का प्रहरी बन,
संविधान का वाहक तन॥
महासंघ का जयघोष उठे,
भारत भू पर ज्ञान फूटे॥
29️⃣ महिला, युवा, किसान, दलित,
सबको मिले अधिकार सुनिश्चित॥
राजेश जी के संग-संग चले,
भीम पथ पर दीप जले॥
30️⃣ महासंघ का कार्य विशाल,
न्याय का इसका कमल लाल॥
संविधान का पालन करवाए,
भारत को गौरव दिलवाए॥
31️⃣ जनसेवा में लगे निशा-दिन,
भीम पथ पर चले संग बिन॥
राजेश जी का सपना यही,
भारत हो समरस सही॥
32️⃣ शिक्षा का प्रचार करे,
संविधान का अधिकार करे॥
महासंघ का ध्वज उठाए,
भीम विचार फैलाए॥
33️⃣ गाँव-गाँव अभियान चलाए,
हर मन में चेतना लाए॥
समानता का दीप जलाए,
भारत को नवयुग दिखाए॥
34️⃣ अन्याय से जो लड़ते हैं,
महासंघ में जुड़ते हैं॥
राजेश जी की राह निराली,
भीम मिशन की मिसाल निराली॥
35️⃣ महासंघ का रक्षक बन,
संविधान का शिक्षक बन॥
सत्य-संघर्ष में सदा अडिग,
राजेश जी के संग अडिग॥
36️⃣ भीम विचार की अमर कहानी,
जन-जन तक पहुँचाए ज्ञानी॥
महासंघ का यह अभियान,
भारत का करे उत्थान॥
37️⃣ धर्म-निरपेक्षता का संदेश,
संविधान का सत्य परिवेश॥
राजेश जी का आदर्श महान,
महासंघ का सम्मान प्रधान॥
38️⃣ शिक्षा से जो मन उजियारा,
वही बने भारत का तारा॥
महासंघ का यह विचार,
समानता ही है आधार॥
39️⃣ संविधान का दीप जले,
महासंघ का नाद चले॥
राजेश जी के नेतृत्व में,
न्याय फैले भारत भूमि में॥
40️⃣ जय-जय महासंघ महान,
सत्य-अहिंसा तेरा प्राण॥
राजेश कुमार सिद्धार्थ सदा,
रखें संविधान की अग्नि जगा॥
अंतिम दोहा
राजेश जी के संग चले, न्याय-समानता राग।
महासंघ का नाम अमर, फैले भारत भाग॥

