‘तुम मर चुके हो, राशन नहीं मिलेगा’: पीलीभीत में जिंदा लोगों को कागजों में मार डाला
पीलीभीत। बीसलपुर तहसील क्षेत्र के गांव रिछोला सबल में सरकारी रिकॉर्ड की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां जिंदा ग्रामीणों को कागजों में मृत दिखाकर उनका नाम राशन कार्ड से काट दिया गया, जिससे वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन से वंचित हो गए हैं।
गांव निवासी लईक अहमद उस समय हैरान रह गए जब वह महीने का राशन लेने कोटेदार की दुकान पहुंचे। कोटेदार ने उन्हें बताया कि वे और उनके परिवार के चार सदस्य विभागीय रिकॉर्ड में मृत दर्ज हैं, इसलिए राशन नहीं दिया जा सकता। यह सुनकर लईक अहमद के होश उड़ गए। बाद में जांच करने पर पता चला कि लईक अहमद, उनके बड़े बेटे दिलशाद हुसैन, पोती नुजहत फातिमा और निकहत फातिमा को मृत दर्शाकर राशन कार्ड से चार यूनिट निरस्त कर दी गई हैं, जबकि सभी जीवित हैं।
इसी गांव के अशफाक हुसैन और उनके बेटे के साथ भी ऐसा ही मामला सामने आया है। दोनों जीवित हैं, इसके बावजूद विभागीय अभिलेखों में उन्हें मृत दिखाकर राशन कार्ड से नाम हटा दिया गया। पीड़ितों का कहना है कि न तो उनसे कोई सत्यापन कराया गया और न ही किसी प्रकार की पूर्व सूचना दी गई।
नियमों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का नाम राशन कार्ड से हटाने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है, लेकिन इन मामलों में बिना किसी प्रमाण के ही नाम काट दिए गए। इससे पीड़ित परिवारों को राशन जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित होना पड़ा है। अब सभी पीड़ित पूर्ति विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं और अपने नाम दोबारा राशन कार्ड में दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।
इस मामले पर बीसलपुर के एसडीएम नागेंद्र पांडे ने कहा कि यह प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ तत्काल नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पात्र व्यक्ति को राशन कार्ड से नहीं हटाया जाएगा।
वहीं सप्लाई इंस्पेक्टर मनोज शर्मा ने बताया कि वे पिछले कुछ समय से एसआईआर कार्यक्रम में व्यस्त थे, जिस कारण यह मामला उनके ध्यान में नहीं आ सका। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है कि जीवित लोगों को मृत दिखाकर राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, तो तत्काल प्रभाव से कार्ड बहाल कराए जाएंगे और मामले की गहन जांच की जाएगी।

