न्याय की रक्षा करने वालों के घर यानी पुलिस लाइन कॉलोनी में जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो सनसनी फैलना लाजमी है। बिछिया थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन कॉलोनी में बीते दिनों हुई खूनी झड़प ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ रहने वाले प्रधान आरक्षक मुकेश तिवारी पर उनके ही पड़ोस में रहने वाले पुलिसकर्मी सुरेंद्र पांडेय उर्फ मामा ने अपने बेटे और साथियों के साथ मिलकर जानलेवा हमला कर दिया।
पुरानी रंजिश और खूनी मंजर
जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक मुकेश तिवारी और आरोपी सुरेंद्र पांडेय के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि सुरेंद्र पांडेय, उनके पुत्र अंश पांडे और साथी सुजीत बंसल ने कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से मुकेश तिवारी पर हमला बोल दिया। हमला इतना बर्बर था कि प्रधान आरक्षक गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े।
इलाज के लिए भोपाल रेफर, हालत नाजुक
घटना के तुरंत बाद घायल मुकेश तिवारी को संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन सिर और शरीर पर गहरे जख्म होने के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों की सलाह पर परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल ले गए हैं, जहाँ वे वर्तमान में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी
वारदात के बाद बिछिया थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार गठित टीम ने आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी सुरेंद्र पांडेय उर्फ मामा, उसके पुत्र अंश पांडे और एक अन्य साथी सुजीत बंसल निवासी गुढ़ चौराहा को गिरफ्तार कर लिया।
वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद
बिछिया पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे आरोपी पुलिस विभाग का ही क्यों न हो। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।इस घटना ने पुलिस लाइन कॉलोनी की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों के बीच आपसी समन्वय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पूरा विभाग घायल प्रधान आरक्षक के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

